सौदेबाज दिल
रकीबों की अहद चौखट मिली इंसाफ के बदले
या शायद हम दिलों की चौरसों में थे निरे भोले
चले थे आदमों की जात में पाने को एक इंसान
बड़ी मुश्किल बचा पाए थे अपनी छोटी सी पहचान
बहुत सोचा, बहुत देखा, मिली एक ज्ञान की आभा
हुए गाफिल, हुए गुमनाम, मिटी सम्मान की आशा
कहे अर्पण, ये दुनिया दिल दिखाकर मोड़ लाती है
दिलों की सौदेबाजी दिल को छलनी छोड़ जाती है
© Arun अर्पण
बेहतरीन post 👌🏼
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बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
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