तेरा मुखड़ा पढ़ती हूं….


मैं खुली क़लम की जादूगर
तू स्याही मेरी कहानी की
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
मैं यादों कि सौदागर
तू महफ़िल मेरी जिंदगानी की
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
तू सावलें नयन से देखे तो
मैं काली घटाओं में उड़ती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
भीगती हैं जब मेरी पलकें
हर कतरे में तेरी महक पाती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
मैं मन के भाव मिलाती हूँ
तेरे महकती साँसों से
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
मैं ख्वाबों की दुनिया बसाती हूँ
तेरे हसीन ख्यालों से
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
तू मेरी राह पकड़ता है
मैं तेरी राह चलती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
मैं मन के दर्पण में
तेरी परछाईं देखती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
मेरा नाम होता है कोने में
मैं हर कविता में तेरा नाम लिखती हूँ
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
तू पढ़ता है जब भी मेरी कविता
मैं हर लफ्ज के साथ तेरा मुखड़ा पढ़ती हूँ

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