काव्य श्रृंखला – 71

ग्रामीण शिक्षा की बदहाल स्थिति ड्रेस, बूट, कॉपी, बुक, टीचर भी मुफ्त मगरसरकारी स्कूलों से क्यों जनता बिदकाय रहीभरे हैं महीने भर की कमाई फीस में परकॉन्वेंट नाम पर क्यों…

नैन

दो नैन बड़े मतवाले हैजो घायल करने वाले है❤️❤️❤️❤️❤️❤️वो क़ातिल बड़े अनोखे हैंगुपचुप सब कुछ देखे हैं❤️❤️❤️❤️❤️❤️ऐसा असर कर जाते हैंआशिक़ यूँ ही मर जाते हैं❤️❤️❤️❤️❤️❤️निर्दोष हैं नैना जाने दोउठते…

नारी का सम्मान

हे नारी तेरी महिमा को मैं किन शब्दों में गाऊंतेरी तपस्या की महिमा शब्दों में बयां ना पाऊँअपनी खुशियां भुलाकर तू सुख सबको देतीपोंछकर आंखों से आंसू दुख सबके हर…

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ

पुरुष और प्रकृति के सहअस्तित्व का प्रतीक महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएँ। पौराणिक मान्यताओं में आज के दिन को शिव एवं शक्ति के मिलन…

काव्य श्रृंखला – 66

बर्बाद गुलशन मर चुकी मानवता में क्यों जान देखते हो तुमझूठ और फरेबों में क्यों ईमान देखते हो तुममतलबी यारानों में क्यों यार देखते हो तुमटूटते घरानों में क्यों प्यार…