काव्य श्रृंखला – 71

ग्रामीण शिक्षा की बदहाल स्थिति ड्रेस, बूट, कॉपी, बुक, टीचर भी मुफ्त मगरसरकारी स्कूलों से क्यों जनता बिदकाय रहीभरे हैं महीने भर की कमाई फीस में परकॉन्वेंट नाम पर क्यों…

ये लड़कियां न जाने कितना दर्द सहती हैं……

ना जाने ये लड़कियां कितना दर्द सहती हैंमां की लाडली अब मां बिन अकेली ससुराल में रहती हैंसास के ताने सुन देवर की फटकार पर ये कुछ ना कहती हैंना…

मैं आधुनिक युग की शायद न लगूँ, क्योंकि मुझे पसंद है माथे पर बिंदी और बोली में हिंदी, मुझे मेरे पोशाक से गंवार न समझना।मैं गाँव से हूँ 22वीं सदी भी जानती हूँ, लेकिन मैं गाँव से हूँ।ये मेरे लिए सम्मान होगा कम से कम मेरे जरिये ही सही तुम गाँव को देखोगे।दिखावा, आधुनिकता झूठे आडम्बर से भरे लोगों के बीच तुम मुझे 18वीं सदी का ही समझना…..

समसामयिकी – 31 जनवरी 2022

विषय – वस्तु भारत में 75 प्रतिशत वयस्क आबादी का पूर्ण टीकाकरण् संपन्न रुस द्वारा हमले की स्थिति में यूक्रेन सैनिक मोर्चे पर अकेले ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल खिताब ऑस्ट्रेलियन…

समसामयिकी – 27 जनवरी 2022

विषय – वस्तु आंध्र प्रदेश में 13 नए जिले टीसीएस – दुनिया का दूसरा बड़ा ब्रांड एक्सरसाइज पश्चिम लहर 2022 गाजर घास से बायोप्लास्टिक का निर्माण current-affairs-27-jan-2022Download