प्रेयसी ये चंचल नयन तुम्हारे…..

प्रेयसी ये चंचल नयन तुम्हारे मुझसे कितना बतियाते है कुण्दित केश तुम्हारे काले नित प्रेम सुधा बरसाते हैं कानों में बाली के झूमर मानो ये मुझे बुलाते है श्रृंगार तुम्हारा…